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इन कारणों से होता है महिलाओं के पेट के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में दरà¥à¤¦, रहें सावधान !
पेट दरà¥à¤¦ किसी को à¤à¥€ हो सकता है। कà¤à¥€ यह खराब खाने से होता है तो कà¤à¥€ पेट में किसी तरह के इनà¥â€à¤«à¥‡à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ से à¤à¥€ हो सकता है। पर महिलाओं के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में होने वाला पेट दरà¥à¤¦ सामानà¥â€à¤¯ नहीं है।
गरà¥à¤®à¥€ के मौसम में पाचन संबंधी कई तरह की समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो जाती हैं। इनमें अधिकांश का संकेत पेट दरà¥à¤¦ ही है होता है। इस मौसम में कà¤à¥€ गरà¥à¤®à¥€ की वजह से, तो कà¤à¥€ कà¥à¤› गलत खा लेने से पेट में दरà¥à¤¦ हो जाता है। पेट दरà¥à¤¦ किसी को à¤à¥€ हो सकता है। कà¤à¥€ पेट में किसी तरह के इनà¥â€à¤«à¥‡à¤•à¥â€à¤¶à¤¨ से à¤à¥€ यह हो सकता है। पर महिलाओं के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में होने वाला पेट दरà¥à¤¦ सामानà¥â€à¤¯ नहीं है।
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ का दरà¥à¤¦ महिलाओं को पीरियडà¥à¤¸ के दौरान या लंबे समय तक बैठे रहने के कारण अकà¥à¤¸à¤° होता है। पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ के दरà¥à¤¦ को मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पीसीà¤à¤¸ कहते हैं। इसका अरà¥à¤¥ है पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कंजेशन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®à¥¤ इस दरà¥à¤¦ से परेशान हर तीन में से à¤à¤• महिला होती है। जागरूक रहकर व समय पर डाकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ जांच करवाकर और इलाज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हम इस दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पा सकते हैं।
पीसीà¤à¤¸ जांघों, नितंब या योनि कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° की वैरिकोस वेनà¥à¤¸ से संबंधित होता है। इस बीमारी मे नसें सामानà¥à¤¯ से अधिक खिंच जाती हैं और इस कारण दरà¥à¤¦ होता है। पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कंजेशन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® कम उमà¥à¤° की महिलाओं में अधिक देखा गया है। इस बीमारी से पीडि़त महिला को पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में काफी दरà¥à¤¦ होता है। खड़े होने पर यह दरà¥à¤¦ और बढ़ जाता है। अगर दरà¥à¤¦ से परेशान महिला कà¥à¤› समय के लिठलेट कर आराम करें तो दरà¥à¤¦ में राहत मिलती है। जो महिलाà¤à¤‚ मां बन चà¥à¤•ी हैं और उनकी उमà¥à¤° जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं है उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीसीà¤à¤¸ समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। अकà¥à¤¸à¤° उस उमà¥à¤° की महिलाà¤à¤‚ इस दरà¥à¤¦ को नजरअंदाज करती रहती हैं जिससे समसà¥à¤¯à¤¾ और बढ़ जाती है।
यह होती है वजह
शारीरिक रचना या हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स के सà¥à¤¤à¤° में किसी पà¥à¤°à¤•ार की गडग़ड़ी के कारण पीसीà¤à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। यह अधिकतर 20 से 45 वरà¥à¤· की आयॠवरà¥à¤— की महिलाओं को परेशान करती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आठहारà¥à¤®à¥‹à¤¨ संबंधी बदलाव के कारण होती है। इसमें महिला का वजन बढ़ जाता है और इसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर पड़ता है।
इससे नसों पर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ बढ़ता जिससे नसों की दीवार सामानà¥à¤¯ से कमजोर हो जाती है। जिससे पेडू का दरà¥à¤¦ बढ़ जाता है। पीसीà¤à¤¸ का दरà¥à¤¦ पेडू के हिसà¥à¤¸à¥‡ पर दोनों नितंबों के बीच होता है।
ये हैं लकà¥à¤·à¤£
पेट के निचले à¤à¤¾à¤— में दरà¥à¤¦ होना।
अधिक देर तक खड़े रहने या बैठने से दरà¥à¤¦ का बढऩा।
पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में मरोड़ अनà¥à¤à¤µ होना।
पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दबाव या à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस होना।
शारीरिक संबंध बनाते समय दरà¥à¤¦ होना।
मल और पेशाब तà¥à¤¯à¤¾à¤—ते समय दरà¥à¤¦ होना।
वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करते समय या लंबी सैर करते समय दरà¥à¤¦ होना।
करें ये उपाय
रेशेदार खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का सेवन अधिक करें जिससे कबà¥à¤œ की शिकायत न हो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कबà¥à¤œ से à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ती है।
साबà¥à¤¤ दालें, अनाज, बींस, रेशेदार फलों का सेवन, खीरा, टमाटर, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सेवन करें।
पानी अधिक से अधिक पिà¤à¤‚।
हरà¥à¤¬à¤² टी का सेवन दिन में à¤à¤• बार करें।
चाय,काफी, कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ का सेवन कम कर दें।
नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से पेलà¥à¤µà¤¿à¤• कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में खून का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बढ़ेगा जिससे दरà¥à¤¦ में राहत मिलेगी।
तैराकी, साइकलिंग, वाकिंग नियमित कर इस पर काबू पा सकते हैं।
जब दरà¥à¤¦ हो रहा हो तो थोड़ी देर लेट कर आराम करें।
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